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एक परिसर के प्राथमिक, माध्यमिक व उच्चतर माध्यमिक शाला का जिम्मा प्राचार्य के पास- कोरबा
अब एक ही परिसर में लग रहे प्राइमरी, मिडिल हाई व हायर सेकंडरी स्कूल प्राचार्य के जिम्मे होंगे अभी एक ही परिसर में लगने वाली प्राइमरी, मिडिल व हाई, हायर सेकेंडरी स्कूल का नियंत्रण प्रधानपाठक व प्राचार्य के हाथ में होता है। सर्वशिक्षा अभियान व राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के विलय हो गया है। अब एक जगह लगने वाले सभी स्कूलों की जिम्मेदारी एकमात्र प्राचार्य पर होगी। प्रायमरी, मिडिल में पदस्थ प्रधानपाठक उन्हीं स्कूलों में एक शिक्षक का दायित्व निभाएंगे। शिक्षा विभाग की ओर से ऐसे स्कूलों का चिन्हांकन किया जा रहा है। प्राइमरी व मिडिल स्कूलों में प्रधानपाठक व हाईस्कूल व हायर सेकेंडरी में प्राचार्य संस्था प्रमुख के रूप में कार्य कर रहे हैं। राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत संचालित हाईस्कूल व हायर सेकेंडरी के प्राचार्य ही अब सर्वशिक्षा अभियान के स्कूलों का संचालन देखेंगे। एक ही परिसर में लगने वाले स्कूलों में प्राचार्य के भवनों की पर्याप्त उपलब्धता के बावजूद दो पाली में स्कूलों का संचालन हो रहा है। ऐसे स्कूलों का संचालन भी एक ही पाली में किया जाएगा, ताकि सभी कक्षाएं प्राचार्य के नियंत्रण में हों। जिले में प्राइमरी शाला 1526 मिडिल स्कूल 528 हाईस्कूल 152 हायर सेकंडरी 98 हैं। कार्यालयीन कार्य सीमित कर अब पढ़ाई पर होगा शिक्षकों का ध्यान:- इन स्कूलों में वर्तमान में जो हेडमास्टर के तौर पर नियुक्त हैं, वे सामान्य शिक्षकों की तरह कक्षाएं लेंगे। प्राचार्यों को दायित्व दिए जाने का उद्देश्य स्कूलों के कार्यालयीन काम को सीमित कर पढ़ाई पर जोर दिया जाना है। जिले में 1526 प्राइमरी व 528 मिडिल स्कूल हैं। पहली से हायर सेकंडरी की कक्षा तक एक परिसर के बाद एक ही गांव के अलग-अलग स्थानों में संचालित होने वाले स्कूलों को भी प्राचार्य के नियंत्रण में दिया जाएगा। शिक्षा गुणवत्ता को बढ़ावा के देने के लिए यह कवायद की जा रही है। इससे शिक्षकों की कमी भी कुछ हद तक दूर होगी। जहां केवल प्राइमरी व मिडिल स्कूल हैं, वहीं हेडमास्टर की नियुक्ति होगी :- पंचायत शिक्षकों का संविलियन करने के बाद अब स्थापना बजट को सीमित करने की तैयारी है। संभावना जताई जा रही है कि आगामी दिनों में एक ही गांव में संचालित होने वाले पहली से हाईस्कूल की ज
PAWAN DUBEY , Mob : 9424159793 , Korba , Tue, Aug 28, 2018.


शिक्षा में सुधार के लिये नवयुवकों का सुनहरा प्रयास -कोरबा
कटघोरा विकासखंड के प्राथमिक व माध्यमिक शाला बल्गीखार में शिक्षक की कमी को देखकर एक इंजीनियरिंग के छात्र ने बच्चों को पढ़ाना शुरू किया था। अब उसके साथ क्षेत्र के 15 छात्र भी जुड़ गए हैं। अच्छी पढ़ाई को देखते हुए इस साल 15 अभिभावकों ने अपने बच्चों को स्कूल में प्रवेश दिलाया है। टीम से जुड़े छात्र समय सारणी के अनुसार बच्चों को पढ़ाते हैं। साथ ही रोज योग की कक्षाएं भी लगती हैं। बच्चों का रुझान बढ़ने से अब उपस्थिति शत प्रतिशत रहती है। निगम क्षेत्र में शामिल होने के बाद भी प्राइमरी स्कूल बलगी में एक टीचर पूपेन टोप्पो की पदस्थापना की गई थी। मिडिल स्कूल में तीन टीचर हैं। सभी अटैच में हैं। इनमें से ही विमला राठौर को हेड मास्टर बनाया गया है। एसईसीएल काॅलोनी के रहने वाले राकेश साहू इंजीनियरिंग के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। राकेश पिछले साल काम पड़ने पर स्कूल गए थे। वहां बच्चों को खेलते देखा। दो दिन बाद फिर गए तो बच्चे वैसे ही खेल रहे थे। तब टीचर ने बताया कि शिक्षकों की कमी के कारण यह स्थिति है। राकेश ने प्रधान पाठक से अनुमति लेकर बच्चों को पढ़ाना शुरू कर दिया। इस साल उनकी टीम में 15 छात्र जुड़े हैं जो बच्चों की क्लास लेते हैं। बच्चों को पढ़ाते देख आसपास के 15 अभिभावकों ने अपने बच्चों को स्कूल में प्रवेश कराया है। अभी प्राइमरी स्कूल में 75 व मिडिल स्कूल में 146 बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं।
PAWAN DUBEY , Mob : 9424159793 , Korba , Tue, Aug 7, 2018.


निगम क्षेत्र के 55 शिक्षकों का हुआ संविलियन, 4 पद रिक्त - कोरबा
नगर निगम क्षेत्र के स्कूलों में कार्यरत 55 शिक्षकों का संविलियन किया गया। इनकी सेवा 8 साल पूरे होने पर स्कूल शिक्षा विभाग में संविलियन कर दिया गया। 14-15 जुलाई को इसकी प्रक्रिया शुरू की गई थी जिनका ऑनलाइन पंजीयन कर नया कर्मचारी क्रमांक जारी कर दिया गया। शिक्षक नगरीय संवर्ग के कुल 220 पद मंजूर हैं। जिनमें से 216 पद भरे गए हैं। 4 पद रिक्त हैं। इसमें से मात्र 55 शिक्षकों ने ही 8 साल की सेवा पूरी की है। इनमें 25 व्याख्याता, 8 शिक्षक व 22 सहायक शिक्षक हैं। इसके बाद 64 व्याख्याता व 97 सहायक शिक्षक बच जाएंगे। पंचायत के साथ निकाय क्षेत्र के स्कूल में कार्यरत शिक्षकों का संविलियन किया जा चुका है। स्कूलों की सूची 11 जुलाई को ही विभाग को दे दी गई थी। अधिकांश शिक्षक प्रथम नियुक्ति व कार्यभार ग्रहण दिनांक के फेर में परेशान से दिखे अंततः Deo सर के निर्देशानुसार e-kosh एंट्री कर कोड जनरेट किया गया। शिक्षकों ने शासन से संविलियन की बड़ी विसंगति क्रमोन्नति व समानुपातिक वेतनमान को ले कर उदारता दिखाने का आग्रह भी किया।
PAWAN DUBEY , Mob : 9424159793 , Korba , Wed, Jul 18, 2018.


ज़िले में 6 हाईस्कूलों के उन्नयन के लिये भेजा जा रहा प्रस्ताव- कोरबा
RMS के तहत सत्र 2009-10 से 2015-16 तक जिले के 86 मिडिल स्कूलों का उन्नयन हाई स्कूल में किया जा चुका है। जिसमें से अधिकांश का आरएमएस के तहत सत्र 2009-10 से 2015-16 तक जिले के 86 मिडिल स्कूलों का उन्नयन हाई स्कूल में किया जा चुका है। जिसमें से अधिकांश का उन्नयन हायर सेकंडरी में भी हो गया है। जिन स्कूलों को उन्नयित करने की अधिक जरूरत है। उनको नहीं किया गया है। उन्नयन ना होने वाले हाईस्कूल बीहड़ वनांचल में हैं। कुछ शहर की अधिक आबादी वाले क्षेत्र में भी हैं। ऐसे 6 हाई स्कूलों को जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यालय से उन्नयित करने का प्रस्ताव वर्ष 2014-15 से स्कूल शिक्षा विभाग रायपुर को भेजा जा रहा है। मापदंड को किनारे रखते हुए लेमरू जैसे हाई स्कूल जो जिला व ब्लाॅक मुख्यालय से 95 किलोमीटर दूर है। यही नहीं यहाँ के बच्चों को हायर सेकंडरी की पढ़ाई के लिए अजगरबहार जो 60 किलोमीटर है या 50 किमी दूर बालको आना पड़ता है। आज भी विद्यार्थियों को 40 से 50 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है पढ़ाई करने ग्रामीण के साथ शहरी क्षेत्र में भी है ऐसी समस्या शिक्षा का स्तर खासकर ग्रामीण क्षेत्र में बेहतर बनाने के लिए राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा की शुरुआत की गई है। जिस तरह से स्कूलों का उन्नयन हो रहा है उससे यह साफ है आरएमएसए अपने उद्देश्य से भटक रहा है। जहां जरूरत है वहां उन्नयन नहीं हो रहा है जहां नहीं है वहां काफी पहले हो गया है। श्रमिक बाहुल्य क्षेत्र होने के बाद सीतामढ़ी हाई स्कूल तो 8 से अधिक गांव के बच्चों का एक मात्र हाई स्कूल गोपालपुर है जो अब तक उन्नयन से वंचित हैं। आरएमएसए की उदासीनता भी है इसका कारण अधिकांश बच्चे बीच में पढ़ाई छोड़ देते हैं। ऐसे स्कूलों में सुविधा बढ़ाने की मांग व प्रस्ताव बनाने राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान का संचालन सभी जिलों में शिक्षा विभाग के अधीन किया जा रहा है। आरएमएसए प्रमुख का भी ऐसे स्कूलों को प्राथमिकता दें। उन्नयन के लिए स्कूलों की वरीयता को दरकिनार किया जा रहा है। तत्कालीन कलेक्टर की पहल का मिला लाभ शासकीय हाई स्कूल अजगरबहार में हास्टल सुविधा है। यहां 60 किलोमीटर की रेंज के गांवों के बच्चे आकर पढ़ाई करते हैं। वनांचल के इस स्कूल की सुध तत्कालीन कलेक्टर श्री पी0 दयानंद जी ने ली थी। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी के माध्यम से उन्नयन के लिए भ
PAWAN DUBEY , Mob : 9424159793 , Korba , Mon, Apr 30, 2018.


शिक्षकों को रखेगा update कॉसमॉस- कोरबा
सर मैं रास्ते में हूं। वाहन खराब हो गया है। बच्चे को स्कूल छोड़ने जा रहा हूं उसके बाद आऊंगा जैसे बहाने अब शिक्षक-शिक्षिका बनाकर प्राचार्य या प्रधानपाठक से अपनी उपस्थित दर्ज नहीं करा पाएंगे। इस तरह का कोई बहाना नहीं चलेगा, क्योंकि हर सरकारी स्कूल में अब कॉसमॉस टेबलेट से शिक्षकों की उपस्थिति की मानिटरिंग होगी।अधिकांश गांवों और दूरदराज के स्कूलों में पढ़ाने वाले किसी न किसी शिक्षक-शिक्षिका के लेटलतीफी से स्कूल पहुंचने की शिकायत ग्रामीण करते रहते हैं। देरी और लापरवाही पर शिकंजा कसने शासन जल्द ही स्कूलों में जीपीएस सिस्टम वाला टेबलेट(cosmos) मुहैया करवाएगा। टेबलेट से शिक्षक-शिक्षिका के स्कूल में उपस्थिति का लोकेशन पता चल जाएगा। यह टेबलेट कक्षाओं में उपस्थित विद्यार्थियों की संख्या भी बताएगा। वहीं मध्यान्ह भोजन में होने वाली हेरफेर पर भी विराम लगाने के काम आएगा। जिले के 5 पांचों विकासखंड में लगभग 2000 शासकीय प्राथमिक, माध्यमिक, हाई और हायर सेकेंडरी स्कूल संचालित है, जहां हजारों की संख्या में शिक्षक और शिक्षाकर्मी पदस्थ हैं। कुछ शिक्षक व शिक्षाकर्मियों की लेटलतीफी से स्कूल पहुंचने की शिकायत हर गांवों में रहती है। यह शिकायत ग्रामीणों के माध्यम से कलेक्टोरेट, शिक्षा विभाग तक पहुंचती है, लेकिन उचित कार्रवाई नहीं होती। ऐसे शिक्षक-शिक्षिकाओं पर शिकंजा कसने राज्य शासन जल्द ही स्कूलों में जीपीएस सिस्टम से लैस कॉसमॉस टेबलेट वितरण करने वाला है। टेबलेट की खरीदी राज्य स्तर पर हो चुकी है। यह टेबलेट ऑनलाईन स्कूलों में शिक्षक व विद्यार्थियों की उपस्थिति बताएगा। उपस्थिति बताने फिंगरप्रिंट जरूरी - स्कूल के लिए शासन द्वारा निर्धारित समय पर या उससे पहले स्कूल पहुंचने वाले शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थिति देने टेबलेट में दिए स्केनर से अपने दोनों हाथ की सभी उंगलियां स्केन करेंगे, तब उपस्थिति माना जाएगा। निर्धारित समय से लेट पहुंचने वाले शिक्षक-शिक्षिकाओं के फिंगरप्रिंट टेबलेट स्वीकार नहीं करेगा। टेबलेट से ऑनलाईन मिलने वाली उपस्थिति ही शासन द्वारा मान्य होगा। टेबलेट आने के बाद सर मैं रास्ते में हूं। वाहन खराब हो गया है। बच्चे को स्कूल छोड़ने में देरी हो गई। शिक्षक-शिक्षिकाओं का इस तरह का कोई बहाना नहीं चलेग
PAWAN DUBEY , Mob : 9424159793 , Korba , Mon, Sep 25, 2017.